
हिंसा के बाद सख्त कार्रवाई
24 नवंबर को शाही जामा मस्जिद में मंदिर होने के दावे को लेकर प्रशासन की ओर से सर्वे किया गया था। सर्वे के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिससे भीड़ उग्र हो उठी। इसके परिणामस्वरूप इलाके में पत्थरबाजी, लाठी-डंडों का इस्तेमाल और फायरिंग हुई। इस हिंसा में चार युवकों की मौत हो गई और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस घटना के बाद से प्रशासन ने इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने का अभियान तेज कर दिया है।
सरायतरीन में चला बुलडोजर
शनिवार को बसपा सरकार में मंत्री रहे और वर्तमान में सपा के वरिष्ठ नेता अकीलुर्रहमान खां के इलाके सरायतरीन में बुलडोजर की कार्रवाई की गई। प्रशासन की टीम ने सुबह से ही इलाके की सकरी गलियों में अभियान शुरू किया। इस दौरान सड़क और नालियों पर अवैध रूप से बने निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। पुलिस बल की भारी तैनाती के बीच इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया, जिससे स्थानीय निवासियों में हड़कंप मच गया।
कुछ निवासियों ने प्रशासन के डर से अपने अवैध निर्माण खुद ही तोड़ने शुरू कर दिए। हालांकि, कई लोगों ने इस कार्रवाई का विरोध भी किया, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि यह अभियान जारी रहेगा।

संभल नगर पालिका परिषद के जई अमर वर्मा ने बताया कि यह अभियान अधिकारियों के निर्देश पर चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीला खदाना मोहल्ले सहित अन्य इलाकों में नाली और सड़क पर हुए अतिक्रमण को हटाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान तब तक चलेगा जब तक क्षेत्र पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त नहीं हो जाता।
इससे पहले भी प्रशासन ने सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और सपा विधायक इकबाल महमूद के क्षेत्रों में बुलडोजर की मदद से बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हटाए थे।
मिश्रित आबादी वाले इलाके में तनाव
सरायतरीन क्षेत्र मिश्रित आबादी वाला इलाका है, जहां बुलडोजर की कार्रवाई ने माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान किसी समुदाय विशेष को टारगेट करने के लिए नहीं है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था और अतिक्रमण मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए है।

24 नवंबर की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान मंदिर होने के दावे पर विवाद शुरू हुआ था, जो देखते ही देखते हिंसा में बदल गया। इस घटना के बाद से प्रशासन ने इलाके में बिजली चोरी, अवैध अतिक्रमण, और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए सख्त कदम उठाए हैं।
प्रशासन का रुख स्पष्ट
पुलिस और प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान किसी भी सूरत में रोका नहीं जाएगा। जिला प्रशासन के अनुसार, यह अभियान आगे भी अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में चलाया जाएगा।
संभल में बुलडोजर की गूंज न केवल अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त कर रही है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था को सख्ती से लागू करने का एक कड़ा संदेश भी दे रही है।
