नई दिल्ली/अलीगढ़। ईद-उल-फितर के मुबारक मौके पर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच सूफी संत मलंग की जानिब से तमाम मुल्कवासियों को दिली मुबारकबाद और नेक तमन्नाएं पेश की गईं। संगठन के राष्ट्रीय संयोजक हाजी कल्लू अंसारी ने कहा कि ईद सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि इंसानियत, भाईचारे और मोहब्बत का अज़ीम पैगाम है। रमज़ान के पाक महीने में इबादत, रोज़ा और सदका-खैरात के बाद अल्लाह अपने बंदों को ईद की खुशियां अता करता है। इस दिन हमें चाहिए कि गरीबों, बेसहारों और जरूरतमंदों की मदद करें और उनके चेहरों पर भी मुस्कान लाएं।
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच सूफी संत मलंग के राष्ट्रीय सह संयोजक वाई के चौधरी ने कहा कि हिंदुस्तान की गंगा-जमुनी तहज़ीब हमें मिल-जुलकर रहने और हर खुशी को साथ बांटने का सबक देती है। ईद का असली पैगाम मोहब्बत और भाईचारे को बढ़ावा देना है। उन्होंने मुल्क की तरक्की, अमन और खुशहाली की दुआ करते हुए कहा कि हमें अपने आस-पास जरूरतमंदों का ख्याल रखना चाहिए और समाज में भाईचारा और सद्भावना का माहौल कायम रखना चाहिए।
उत्तर प्रदेश के प्रदेश संयोजक चौधरी एम आई खान ने कहा कि ईद हमें अपने रिश्तों को मजबूत करने, आपसी दूरियों को खत्म करने और मोहब्बत की रोशनी हर दिल तक पहुंचाने का मौका देती है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच सूफी संत मलंग हमेशा समाज में शांति और एकता को बढ़ावा देने के लिए काम करता रहा है और आगे भी करता रहेगा।
अलीगढ़ जिला संयोजक तौसीफ अंसारी ने कहा कि ईद का असली मकसद यह है कि हम सब मिलकर खुशियां मनाएं और मजहब, जात-पात या किसी भी तरह के भेदभाव को खत्म करें। उन्होंने कहा कि इस पवित्र मौके पर हमें खुदा से दुआ करनी चाहिए कि हमारे मुल्क में अमन और भाईचारा हमेशा बरकरार रहे।
इस मुबारक मौके पर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच सूफी संत मलंग ने तमाम हिंदुस्तानियों को मुबारकबाद पेश करते हुए अपील की कि वे जरूरतमंदों की मदद करें, गरीबों को गले लगाएं और समाज में इंसानियत और मोहब्बत का पैगाम फैलाएं।
