
बैठक का उद्देश्य बच्चों और महिलाओं के अधिकारों पर चर्चा करना, उनके संरक्षण से संबंधित योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना, और समाज में जेंडर समानता को बढ़ावा देना था। बैठक में जिला स्तर के विभिन्न संगठनों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
संस्था के कार्यों की सराहना
बैठक को संबोधित करते हुए जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री आनंद पांडे ने विज्ञान फाउंडेशन और अन्य संस्थाओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा, “हम इन संस्थाओं को पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे। सभी संगठनों को एकजुट होकर काम करना चाहिए, ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।
बाल संरक्षण पर जोर
बाल किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य श्री प्रशांत सिंह राघव ने कहा कि बाल संरक्षण समिति को ग्राम स्तर पर मजबूत करना बहुत आवश्यक है। “यदि धरातल पर सुधार करना है, तो स्थानीय स्तर पर इन समितियों को सशक्त बनाना होगा,” उन्होंने कहा।
बाल संरक्षण अधिकारी श्रीमती हितेश कुमारी ने बच्चों के अधिकारों और उनके लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि सभी योजनाओं का सही क्रियान्वयन हो, तो बच्चों के अधिकारों की रक्षा संभव है।
महिलाओं के अधिकारों पर चर्चा
इंसानियत फाउंडेशन के प्रतिनिधि राहत सुल्तान ने बाल अधिकार और मौलिक अधिकारों पर चर्चा करते हुए कहा कि बच्चों को समान अवसर प्रदान करना समाज का दायित्व है। इसी कड़ी में एनआरएल की अधिवक्ता जेहरा समीन ने महिलाओं के विधिक अधिकारों पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे महिलाएं अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
दामनी सेवा संस्थान की सचिव श्रीमती तनूजा गुप्ता ने घरेलू कामगार महिलाओं की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा, “घरेलू कामगार महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए विशेष योजनाओं की आवश्यकता है।”
नारी शक्ति केंद्र का योगदान
नारी शक्ति केंद्र की संचालिका सीमा अब्बास ने अपने केंद्र की कार्यप्रणाली के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति केंद्र महिलाओं को स्वावलंबी बनाने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने का काम कर रहा है।
सरकारी योजनाओं की जानकारी
बैठक में यूनिसेफ मंडल समन्वयक खालिद सफरुद्दीन ने बच्चों और महिलाओं के लिए चल रही सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
अनुपालन पर जोर
बाल संरक्षण इकाई के परामर्शदाता श्री गौरव चंदेल ने कहा कि किसी भी मुद्दे को उठाने के साथ उसका अनुपालन कराना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा, “सिर्फ समस्याओं पर चर्चा करना पर्याप्त नहीं है, उनका समाधान करना और योजनाओं का सही क्रियान्वयन भी सुनिश्चित करना होगा।”
संस्था की परियोजनाओं पर चर्चा
विज्ञान फाउंडेशन की पदाधिकारी गौरी पराशर ने संस्था की विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जेंडर समानता और हिंसा की रोकथाम जैसे मुद्दों पर फाउंडेशन लगातार काम कर रहा है।
बैठक का संचालन संस्था के पदाधिकारी अरुण शर्मा ने किया और धन्यवाद ज्ञापन रवि शर्मा द्वारा दिया गया। बैठक में उड़ान फाउंडेशन की श्रीमती नीलम सैनी, चिन्मयी महिला मंच की संयोजिका पूनम अग्रवाल, श्रीमती हेमलता गुप्ता, नीता जी और अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
यह बैठक महिलाओं और बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज में जेंडर समानता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम थी। सभी संगठनों और संस्थाओं ने मिलकर कार्य करने और समस्याओं का समाधान धरातल पर सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
